अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने बुधवार को राजभवन में मंत्री पद की शपथ लेकर नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
राजनीति में उनका सफर साल 2002 से शुरू हुआ जब उन्होंने ग्राम पंचायत कुंवरपुर से पंच का चुनाव जीता। इसके बाद वे पंचायत के उपसरपंच बने और धीरे-धीरे क्षेत्रीय राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत की।
कभी वे कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के बेहद करीबी माने जाते थे। लेकिन साल 2017 में मतभेदों के कारण उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। साल 2023 में उन्होंने विधानसभा चुनाव में सिंहदेव को महज 94 वोटों से हराकर इतिहास रच दिया। राजेश अग्रवाल के मंत्री बनने पर लखनपुर में भारी जश्न का माहौल देखने को मिला।
समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ नारे लगाए और मिठाइयां बांटी। गांव-गांव में आतिशबाजी हुई और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जीत को ऐतिहासिक बताया।
उन्होंने अपने शपथपत्र में 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की थी। वे हायर सेकेंडरी पास हैं और पेशे से कृषि व व्यवसाय से जुड़े हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके मंत्री बनने से सरगुजा भाजपा का समीकरण बदल जाएगा।