रायपुर के तेलीबांधा इलाके में सोमवार दोपहर बड़ा हादसा टल गया क्योंकि बेबीलोन टावर के तीसरे माले पर अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही अफरातफरी मच गई और पूरे टावर में घना धुआं फैल गया। इस घटना में 47 लोग अलग-अलग हिस्सों में फंस गए लेकिन समय रहते रेस्क्यू किया गया।
धुएं से घिरा बहुमंजिला टावर
बेबीलोन टावर कांच से बना एक बहुमंजिला ढांचा है और आग के बाद उसमें धुआं फंस गया। जिला कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने बताया कि हालात गंभीर थे क्योंकि धुआं बाहर निकलने का रास्ता नहीं पा रहा था। प्रशासन को मजबूर होकर शीशे और दीवार तोड़ने पड़े ताकि धुआं बाहर निकले और लोग दम घुटने से बच सकें।
रेस्क्यू ऑपरेशन की बारीकी
इस खतरनाक हालात में रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व एसडीएम कुमार चौबे ने किया। SDRF जवानों और प्रशासनिक टीम ने लगभग डेढ़ घंटे तक कड़ी मशक्कत की। आखिरकार सभी 47 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। अधिकारियों ने राहत की सांस ली क्योंकि समय पर कार्रवाई से किसी की जान नहीं गई।
रेस्टोरेंट और दफ्तरों से बचाए लोग
रेस्क्यू के दौरान सबसे कठिनाई टावर के ए विंग में बनी सांगरिया रेस्टोरेंट में बैठी भीड़ को निकालने में हुई। बी विंग में स्थित दफ्तरों से भी कई कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर लाया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन, नगर निगम और SDRF ने मिलकर काम किया।
जांच और सुरक्षा के उपाय
अधिकारियों ने आग पर काबू पा लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। इस हादसे ने बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन कौन से कदम उठाता है।