दिल्ली के मालवीय नगर में हुए Delhi Hotel Fire हादसे की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था। आग लगने के बाद यही रास्ता धुएं और लपटों की चपेट में आ गया, जिससे दर्जनों लोग अंदर फंस गए। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैकल्पिक निकास मार्ग होता तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
धुएं ने छीनी सांसें, दम घुटने से हुईं अधिकांश मौतें
अस्पताल सूत्रों के अनुसार इस Delhi Hotel Fire में अधिकांश लोगों की मौत जलने से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई। आग के दौरान निकलने वाली जहरीली गैसों और घने धुएं ने कमरों को कुछ ही मिनटों में भर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य विषैली गैसों ने पीड़ितों के फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाया।
जान बचाने के लिए लोगों ने ऊंची मंजिलों से लगाई छलांग
जब धुआं तेजी से कमरों में भरने लगा तो कई लोगों ने तीसरी और चौथी मंजिल से कूदकर जान बचाने की कोशिश की। Delhi Hotel Fire के दौरान कूदने वाले कई लोगों के हाथ-पैर, पेल्विक बोन और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं। कुछ घायलों का अभी भी अस्पताल में इलाज जारी है।
सील इमारत बनी आग फैलने की बड़ी वजह
जांच में यह भी सामने आया कि होटल की खिड़कियां बंद थीं और इमारत लगभग पूरी तरह सील थी। हवा के आवागमन और धुएं के बाहर निकलने का कोई उचित रास्ता नहीं था। इसी कारण Delhi Hotel Fire के दौरान धुआं चिमनी की तरह तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गया और लोगों के बच निकलने की संभावना कम हो गई।
नियमों के उल्लंघन के आरोप भी आए सामने
प्रारंभिक जांच के अनुसार होटल को केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति मिली थी, लेकिन वहां 25 कमरे चलाए जा रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि क्षमता से अधिक संचालन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने Delhi Hotel Fire को और घातक बना दिया। पुलिस और नगर निगम दोनों स्तरों पर मामले की जांच जारी है।
विदेशी नागरिक भी हादसे की चपेट में आए
हादसे में कई विदेशी नागरिकों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। घायलों में बांग्लादेश और नेपाल के नागरिक शामिल हैं, जबकि मृतकों में कुछ अफ्रीकी देशों के नागरिकों की भी पहचान हुई है। विदेश मंत्रालय संबंधित देशों के दूतावासों के संपर्क में है।
एक फोन कॉल ने बचाई जिंदगी
गिनी के एक नागरिक की जान महज एक फोन कॉल के कारण बच गई। वह होटल में ठहरे हुए थे, लेकिन पिता के फोन आने के बाद अस्पताल चले गए। कुछ ही समय बाद Delhi Hotel Fire की घटना हुई। उन्होंने कहा कि अगर वह होटल में मौजूद होते तो शायद हादसे का शिकार हो जाते।
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