छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
राज्य के बिलासपुर, बालोद, सरगुजा, कवर्धा और बलौदाबाजार जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे दृश्य सामने आ रहे हैं।
नदी-नाले उफान पर हैं, कई स्थानों पर पानी घरों और कार्यालयों तक घुस गया है, जिससे जीवन प्रभावित हुआ है।
बिलासपुर में हादसा, प्रोफेसर की मौत:
बिलासपुर के स्वर्णजयंती नगर में रिटायर्ड प्रोफेसर की करंट लगने से मौत हो गई। बारिश से उनके घर में पानी भर गया था और इन्वर्टर का प्लग निकालते समय हादसा हुआ। सीपत और यदुनंदन नगर क्षेत्र में भी कई कॉलोनियां पानी में डूबी नजर आईं।
बालोद में युवक बहा, खोज जारी:
बालोद जिले की तांदुला नदी में एक युवक बह गया। पुलिस रेड के दौरान तीन लोग नदी में कूदे, जिनमें से एक लापता है।
SDRF की टीम उसकी तलाश में लगी है।
सरगुजा में डैम के गेट खुले:
सरगुजा के घुनघुट्टा डैम में जलस्तर अधिक होने पर पहली बार सभी आठ गेट खोल दिए गए। यहां से 509 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मैनपाट क्षेत्र में मछली नदी पर बना पुल बह जाने से यातायात ठप हो गया है।
कवर्धा में खतरा मोल ले रहे पर्यटक:
भोरमदेव क्षेत्र में पर्यटक उफनती नदी पार कर रहे हैं, जिससे जान का खतरा बना हुआ है। छपरी गांव में पुल के ऊपर से दो फीट तक पानी बह रहा है, लेकिन कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिख रही।
बलौदाबाजार में सरकारी कार्यालयों में जलभराव:
बलौदाबाजार जिले में बारिश के कारण तहसील और जनपद कार्यालयों में पानी भर गया है। नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट:
प्रदेश में औसतन 35 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दुर्ग का अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री और न्यूनतम 20.8 डिग्री दर्ज किया गया है।