भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार में शुरू किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब यह प्रक्रिया पूरे देश में लागू की जाएगी।
25 जुलाई 2025 को न्यूज़ एजेंसी ANI ने बताया कि ECI ने 24 जून को दिए अपने आदेश में मतदाता सूची संशोधन पर यह अहम निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR को संविधानिक प्रावधानों के तहत देशभर में लागू किया जाएगा, ताकि वोटर लिस्ट को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।
पारदर्शी लोकतंत्र के लिए जरूरी है SIR
पूरे देश में लागू SIR का उद्देश्य मतदाता सूची से मृतक, स्थायी रूप से पलायन कर चुके, दो जगह वोट करने वाले और विदेशी नामों को हटाना है। आयोग ने यह स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र की शुचिता को मजबूत करने के लिए अनिवार्य है।
ECI ने यह भी कहा कि भारत का संविधान भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है, और उसके खिलाफ जाकर फर्जी वोटिंग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक विरोध और आयोग का उत्तर
हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले SIR को लेकर राजनीतिक हलकों में बवाल मचा था, लेकिन आयोग ने साफ कर दिया कि SIR का उद्देश्य सिर्फ चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखना है, न कि किसी विशेष वर्ग को प्रभावित करना।
आयोग ने दो टूक कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए निष्पक्ष और स्वच्छ मतदाता सूची ज़रूरी है, और पूरे देश में लागू SIR इसी दिशा में एक अहम कदम है।