छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने वाली है, लेकिन सहकारी समिति कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल से इस प्रक्रिया पर संकट खड़ा हो गया है। संघ ने राज्य के पांच प्रमुख संभागों में धरना देकर सरकार से अपनी तीन सूत्रीय मांगों पर ध्यान देने की मांग की है, जिसमें प्रबंधकीय अनुदान, 2018 के सेवानियमों में संशोधन और सूखी धान की मान्यता शामिल हैं।
हड़ताल से धान खरीदी की तैयारियों पर असर
संघ के उपाध्यक्ष जयप्रकाश साहू ने जानकारी दी कि हड़ताल के चलते सहकारी समितियों में तालाबंदी हो गई है, जिससे बारदाना, लाइटिंग, सफाई और हमाल की व्यवस्था ठप हो गई है। राज्य में इस वर्ष 25.75 लाख किसानों से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य है, लेकिन हड़ताल से इस प्रक्रिया में बाधा आ सकती है।
विभिन्न स्थानों पर जारी धरना
रायपुर संभाग के धमतरी मुख्यालय समेत दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर में कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। संघ ने सरकार पर अपनी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।