लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और प्राथमिकताओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई कथित ‘डील’ को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह समझौता देश के हित में नहीं बल्कि एक तरह की ‘ढील’ साबित हो रहा है, जिसका असर किसानों और आम जनता पर पड़ेगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार लगातार कई देशों के साथ फ्री ट्रेड डील का दावा करती रही है, लेकिन अब यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसी डील से देश को वास्तविक लाभ क्या मिला। उन्होंने चिंता जताई कि इस समझौते के बाद रुपये की स्थिति और घरेलू बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा। यादव ने यह भी पूछा कि अगर यह डील इतनी जरूरी थी, तो इसे बजट से पहले क्यों नहीं किया गया।
बजट को दिशाहीन बताते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि इसमें गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के लिए कोई ठोस रोडमैप नजर नहीं आता। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब इतने बड़े बजट पेश किए जा रहे हैं, तब भी प्रति व्यक्ति आय में अपेक्षित बढ़ोतरी क्यों नहीं हो रही। फ्री राशन योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने लाभार्थियों की वास्तविक आय सार्वजनिक करने की मांग की।
उत्तर प्रदेश के लिए बजट में किसी विशेष योजना के अभाव पर भी अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री यूपी से होने के बावजूद केंद्र सरकार के बजट से राज्य को कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं मिला। किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए यादव ने दोहराया कि आय दोगुनी करने के वादे अब भी अधूरे हैं और एमएसपी की कानूनी गारंटी आज तक नहीं दी गई है।