छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। मोहन नगर थाना क्षेत्र में जब्ती के सोने के जेवरात का गबन करने के आरोप में एक महिला प्रधान आरक्षक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने चोरी के मामले में बरामद की गई कीमती ज्वेलरी पीड़िता को लौटाने के बजाय खुद के पास रख ली।
यह मामला जुलाई 2022 में दर्ज एक चोरी की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें पीड़िता के घर से सोने के गहने और नकदी चोरी हुई थी। जांच के दौरान बरामद जेवरात की जिम्मेदारी तत्कालीन जांच अधिकारी महिला प्रधान आरक्षक के पास थी। नियमों के मुताबिक इन्हें आरक्षी केंद्र में जमा किया जाना था, लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि गहने न तो जमा किए गए और न ही पीड़िता को लौटाए गए।
लगातार शिकायतों और विभागीय जांच के बाद पुलिस ने मार्च 2025 में एफआईआर दर्ज की। गिरफ्तारी से बचती रहीं आरोपी को आखिरकार फरवरी 2026 में पकड़कर जेल भेज दिया गया। इससे पहले विभाग ने उन्हें सेवा से बर्खास्त भी कर दिया था।
गौर करने वाली बात यह है कि आरोपी महिला आरक्षक पर पूर्व में भी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी और पद के दुरुपयोग के आरोप सिद्ध हो चुके हैं। यह मामला कानून की रक्षा करने वालों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।