रायपुर में एक निजी अस्पताल की लापरवाही के चलते मरीज की जान चली गई।गर्दन की चोट का इलाज न करके अस्पताल ने कंधे का इलाज शुरू किया, जिससे हालत बिगड़ती चली गई।पीड़िता रेशमा वासवानी की शिकायत पर उपभोक्ता फोरम ने अस्पताल को जिम्मेदार माना है।मरीज को 17 दिन वेंटिलेटर पर रखा गया और साढ़े चार लाख रुपये वसूले गए।बिना ENT विशेषज्ञ के ट्रैकियोस्टॉमी कर दी गई, जिससे संक्रमण बढ़ा।
20 मार्च को मरीज को अंबेडकर अस्पताल लाया गया, जहां 36 घंटे में वेंटिलेटर हटा दिया गया।29 मार्च को मरीज की मृत्यु हो गई। फोरम ने अस्पताल को 5 लाख का हर्जाना और 25 हजार मानसिक कष्ट के लिए देने का आदेश दिया।