भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। अब इस विवाद पर खुद सीजेआई ने सफाई देते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणी देश के युवाओं के खिलाफ नहीं थी। CJI Surya Kant Statement को लेकर उठे विवाद के बाद उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर बयान को गलत संदर्भ में पेश करने का आरोप लगाया है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने केवल उन लोगों की आलोचना की थी, जो फर्जी और जाली डिग्रियों के सहारे प्रतिष्ठित पेशों में प्रवेश कर रहे हैं। उनके अनुसार ऐसे लोग समाज और व्यवस्था के लिए परजीवी की तरह हैं। CJI Surya Kant Statement के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी बहस शुरू हो गई थी।
मीडिया रिपोर्टिंग पर जताई नाराजगी
सीजेआई सूर्यकांत ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उन्हें बेहद दुख हुआ कि उनकी मौखिक टिप्पणियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य युवाओं का अपमान करना नहीं था। CJI Surya Kant Statement में उन्होंने कहा कि कुछ लोग फर्जी डिग्रियों के जरिए वकालत, मीडिया और अन्य पेशों में घुसपैठ कर रहे हैं, जो व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व समाज में भ्रम फैलाने और संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया था।
युवाओं को बताया देश का भविष्य
सीजेआई ने कहा कि भारतीय युवाओं पर उन्हें गर्व है और देश की युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि देश का हर युवा उन्हें प्रेरित करता है और वे युवाओं को भारत के उज्ज्वल भविष्य का आधार मानते हैं। CJI Surya Kant Statement में यह भी साफ किया गया कि उनके बयान को युवाओं से जोड़ना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भारत के युवाओं में प्रतिभा, क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने युवाओं के प्रति सम्मान और भरोसा भी व्यक्त किया।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने व्यवस्था में बढ़ती गिरावट और फर्जी डिग्री वाले लोगों पर टिप्पणी की थी। इसी दौरान उन्होंने कुछ लोगों को ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ जैसे शब्दों से संबोधित किया था। इसके बाद CJI Surya Kant Statement सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
हालांकि अब सीजेआई ने साफ कर दिया है कि उनका निशाना देश के मेहनती और प्रतिभाशाली युवा नहीं, बल्कि व्यवस्था का दुरुपयोग करने वाले लोग थे।
यह भी पढ़ें – Arundev Gautam बने छत्तीसगढ़ के नए पूर्णकालिक डीजीपी
Trump Assassination Threat: ट्रंप के खिलाफ 558 Cr का प्रस्ताव
Fuel Price Hike Protest: पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर गिग वर्कर्स का देशव्यापी आंदोलन