वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक राजनीति में भूचाल आ गया है। डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम को कई देशों ने संप्रभुता का उल्लंघन बताया है, जबकि दक्षिण अमेरिका से लेकर यूरोप तक चिंता की लहर दौड़ गई है।
इस ऑपरेशन के बाद ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका अब केवल वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रंप ने सार्वजनिक बयानों में कई देशों का नाम लेकर सख्त चेतावनियां दी हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और अनिश्चितता बढ़ गई है।
कोलंबिया को लेकर ट्रंप ने उसके नेतृत्व और नशीले पदार्थों की तस्करी पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने यहां तक संकेत दिए कि अमेरिका भविष्य में कोई कार्रवाई कर सकता है।
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर ट्रंप ने कहा कि यदि वहां हिंसा बढ़ती है तो अमेरिका कड़ा जवाब दे सकता है।
क्यूबा को लेकर ट्रंप ने भले ही सैन्य कार्रवाई से इनकार किया हो, लेकिन अमेरिकी विदेश नीति में सख्ती के संकेत साफ हैं।
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की दिलचस्पी ने यूरोप को सबसे ज्यादा चौंकाया है। डेनमार्क के अधीन इस क्षेत्र को लेकर ट्रंप का दावा है कि यह अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
वहीं वेनेजुएला की अंतरिम नेतृत्व को भी ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी मांगों की अनदेखी भारी पड़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की आक्रामक रणनीति से वैश्विक शक्ति संतुलन प्रभावित हो सकता है और आने वाले समय में अमेरिका के कदम अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करेंगे।