अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस्राइल ईरान युद्धविराम की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने को लेकर बातचीत जारी है और वार्ता निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।
गोलीबारी रोकने की अपील
ट्रंप ने कहा कि इस्राइल ईरान युद्धविराम को सफल बनाने के लिए दोनों पक्षों को तत्काल गोलीबारी रोकनी चाहिए। उनके अनुसार, अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए संयम और कूटनीतिक प्रयास बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत के दौरान किसी भी प्रकार की उकसावे वाली कार्रवाई शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
पश्चिम एशिया में बढ़ा सैन्य तनाव
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। कई रणनीतिक ठिकानों पर हमलों और जवाबी हमलों के बीच इस्राइल ईरान युद्धविराम की संभावनाओं पर दुनिया की नजर बनी हुई है। क्षेत्रीय अस्थिरता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है।
संघर्ष के 100वें दिन भी जारी हमले
इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष 100वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे पर कई हमले किए हैं। ऐसे माहौल में इस्राइल ईरान युद्धविराम को लेकर ट्रंप का बयान वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वार्ता सफल रहती है तो क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है।
लाल सागर में बढ़ी रणनीतिक चुनौती
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में इस्राइली जहाजों के आवागमन पर रोक लगाने की घोषणा के बाद स्थिति और जटिल हो गई है। इस बीच समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा भी अंतरराष्ट्रीय एजेंडे में शामिल हो गई है।
क्या शांति समझौते तक पहुंच पाएंगे दोनों देश?
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में केवल क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। हालांकि लगातार हो रहे हमले और राजनीतिक मतभेद शांति प्रक्रिया के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
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हिमंत बिस्वा सरमा कैबिनेट विभागों का बड़ा बंटवारा
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