ट्राइबल यूथ हॉस्टल के छात्रों का UPSC प्रीलिम्स में शानदार प्रदर्शन

ट्राइबल यूथ हॉस्टल

नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने UPSC प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छात्रों की उपलब्धि को प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि संघर्ष और मेहनत की जीत है। उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास और अनुशासन सबसे जरूरी है।

साधारण परिवारों से निकल रही असाधारण प्रतिभाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी किसान, मजदूर, शिक्षक और सामान्य परिवारों से आते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा के पहले चरण में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा किसी आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होती और अवसर मिलने पर हर युवा नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

मुख्य परीक्षा के लिए दिया सफलता का मंत्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल के छात्रों को अब मुख्य परीक्षा पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और निरंतर अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और जो विद्यार्थी निरंतर प्रयास करते हैं, वे निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी।

प्रशासनिक सेवा को बताया जनसेवा का माध्यम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित नौकरी नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से उन्होंने अपेक्षा की कि भविष्य में प्रशासनिक पदों पर पहुंचने के बाद वे संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

सीट बढ़ने से मिलेगा अधिक युवाओं को अवसर

मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है। इससे दूरस्थ जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक विद्यार्थियों को दिल्ली में रहकर UPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के और अधिक युवा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

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