ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। बालोद से रायपुर के बीच चलने वाली ट्रेन पर सिकोसा के पास पत्थरबाजों ने हमला कर दिया, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के दौरान खून से लथपथ अवस्था ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया गया है कि घायल युवक को बालोद स्टेशन पहुंचते ही एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। प्रत्यक्षदर्शी रमन जैन ने बताया कि इस रूट पर पत्थरबाजी की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। भीड़ के कारण खिड़की की जाली वाले स्थान छोड़कर लोग दरवाजे के पास खड़े रहते हैं, जिससे पत्थर लगने का खतरा और भी अधिक बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार, रायपुर–अंतागढ़ रेल लाइन से भारतीय रेल को भारी राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर रक्षा प्रणाली बेहद कमजोर है। मैदान में रेलवे पुलिस बल की कमी सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
GRP चौकी प्रभारी चैन सिंह नेताम के मुताबिक पहले पेट्रोलिंग के लिए 12 स्टाफ मौजूद थे, पर आज केवल 3 कर्मचारी कार्यरत हैं। स्टाफ की भारी कमी के चलते निरंतर गश्त संभव नहीं है। वे उच्च अधिकारियों से स्टाफ की पूर्ति की मांग लगातार कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल सुरक्षा इंतज़ाम अपर्याप्त बने हुए हैं।
यात्रियों का कहना है कि
🔹 रात के समय सफर अत्यधिक जोखिमभरा बन गया है
🔹 बार-बार होती घटनाओं से मानसिक तनाव बढ़ रहा है
🔹 प्रशासन को तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए
स्थानीय यात्री लगातार मांग कर रहे हैं कि रेलवे और प्रशासन प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि लोग बालोद–रायपुर रूट पर निडर और सुरक्षित यात्रा कर सकें।