विष्णु भोग चावल की बढ़ी मांग, रायपुर से पहुंचे खरीदार

विष्णु भोग चावल

सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के प्रसिद्ध विष्णु भोग चावल की खुले मंच से सराहना की थी। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद स्थानीय स्तर पर उत्पादित इस सुगंधित चावल की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की रुचि इस पारंपरिक चावल के प्रति बढ़ी है। अब यह उत्पाद स्थानीय बाजार से निकलकर प्रदेशभर के उपभोक्ताओं का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

सोशल मीडिया ने निभाई अहम भूमिका

मुख्यमंत्री के संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ। इसी वीडियो को देखने के बाद रायपुर निवासी अजय कुमार और उनके साथी विष्णु भोग चावल की गुणवत्ता और विशेषताओं से प्रभावित हुए। उन्होंने केवल ऑनलाइन जानकारी तक सीमित रहने के बजाय सीधे गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही पहुंचकर उत्पाद की वास्तविकता जानने का निर्णय लिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए स्थानीय उत्पादों को बड़ी पहचान मिल सकती है।

50 किलो चावल की हुई सीधी खरीदी

रायपुर से पहुंचे ग्राहकों ने तिपान महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से सीधे 50 किलोग्राम विष्णु भोग चावल खरीदा। इस खरीद की कुल कीमत लगभग सात हजार रुपये रही। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन की उपस्थिति में हुई यह खरीदी स्थानीय उत्पादकों के लिए उत्साहवर्धक साबित हुई। खरीदारों ने बताया कि वे मुख्यमंत्री की सराहना से प्रभावित होकर यहां पहुंचे और भविष्य में भी इस चावल की खरीद जारी रखेंगे।

महिला समूहों और किसानों को मिला लाभ

तिपान महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि विष्णु भोग चावल की बढ़ती मांग किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए नए अवसर लेकर आई है। राज्य सरकार की स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने वाली नीति का सकारात्मक असर अब स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इससे उत्पादकों को सीधे बाजार से जुड़ने और बेहतर कीमत प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

कृषि समृद्धि का नया ब्रांड बना चावल

अपनी अनोखी सुगंध, स्वाद और गुणवत्ता के कारण विष्णु भोग चावल अब जिले की पहचान बनता जा रहा है। यह केवल एक कृषि उत्पाद नहीं बल्कि महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला सफल ब्रांड बनकर उभर रहा है। स्थानीय किसानों को उम्मीद है कि बढ़ती लोकप्रियता के साथ उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य और बड़ा बाजार मिलेगा।

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