सी स्पाइडर क्या होते हैं: समुद्र के ‘सिर्फ पैरों वाले’ जीव और नई प्रजाति

सी स्पाइडर क्या होते हैं समझाता मूल इलस्ट्रेशन, छोटे धड़ और लंबे पैरों वाला नर अंडे ढोते हुए

इन जीवों का शरीर इतना पतला होता है कि पेट का हिस्सा पैरों में समा जाता है. यह किसी कहानी का किरदार नहीं, बल्कि असली समुद्री जीव है. कनाडा में इनकी दो नई प्रजातियां दर्ज होने के बाद लोग पूछ रहे हैं कि सी स्पाइडर क्या होते हैं. इस लेख में इनकी बनावट, इनका रहन-सहन और वैज्ञानिक किसी नए जीव को नाम कैसे देते हैं, यह समझिए.

सी स्पाइडर क्या होते हैं, एक पैराग्राफ में

सी स्पाइडर यानी समुद्री मकड़ियां पिक्नोगोनिडा वर्ग के समुद्री जीव हैं. नाम के बावजूद ये असली मकड़ी नहीं हैं, जो अरेक्निडा वर्ग में आती हैं. अमेरिकी एजेंसी NOAA के मुताबिक इनकी करीब 1,500 प्रजातियां जानी जाती हैं. ये छोटे धड़, लंबे पैरों और रस चूसने वाली सूंड वाले जीव हैं.

इन जीवों की पहचान के मुख्य बिंदु

  • वर्ग: पिक्नोगोनिडा, जिसे ‘पैंटोपोडा’ यानी ‘सब पैर’ भी कहते हैं.
  • सांस: फेफड़े नहीं, शरीर की बाहरी परत से ऑक्सीजन.
  • परवरिश: अंडे नर ढोते हैं.
  • इंसानों के लिए: कोई खतरा नहीं माना जाता.

असली मकड़ी से रिश्ता कितना दूर

सी स्पाइडर क्या होते हैं, यह समझने के लिए पहले उनका परिवार देखें. दरअसल दोनों ही आर्थ्रोपोड हैं, यानी जोड़दार पैरों और बाहरी कवच वाले जीव. हालांकि वर्ग के स्तर पर दोनों अलग हो जाते हैं. वॉशिंगटन राज्य के पर्यावरण विभाग ने एक मज़ेदार तुलना दी है. यानी इनका ज़मीनी मकड़ी से उतना ही रिश्ता है, जितना समुद्री घोड़े का असली घोड़े से.

इसके अलावा विभाग बताता है कि इनमें ज़मीनी मकड़ियों जैसे बाल भरे शरीर और ज़हरीले दांत नहीं होते. इसलिए ये लोगों के लिए खतरा नहीं हैं. साथ ही कनाडा वाली खोज पर Axios की रिपोर्ट में भी शोधकर्ताओं ने इन्हें हानिरहित बताया है.

शरीर जो लगभग सिर्फ पैर है

NOAA के मुताबिक इनका धड़ बहुत छोटा होता है और शरीर का ज़्यादातर हिस्सा पैर ही होते हैं. आमतौर पर इनके आठ पैर होते हैं. वहीं UBC की जानकारी के मुताबिक कुछ प्रजातियों में 12 पैर तक होते हैं.

दरअसल, धड़ में जगह कम होने से कुछ अंदरूनी अंग पैरों तक फैल जाते हैं. उदाहरण के लिए पाचन नली और मादा के अंडाशय. इसी तरह सांस के लिए भी कोई अलग अंग नहीं होता. यानी ऑक्सीजन सीधे शरीर की बाहरी परत से अंदर जाती है.

ये खाते क्या हैं और कहां रहते हैं

अब बात खानपान की. ज़्यादातर सी स्पाइडर मांसाहारी हैं. NOAA के अनुसार ये एनीमोन, हाइड्रॉइड, कीड़े और कोरल जैसे नरम शरीर वाले जीवों को खाते हैं. इसके लिए इनके पास एक नली जैसी सूंड होती है, जिससे ये शिकार का रस खींचते हैं.

वहीं इनका ठिकाना तट के पास के उथले पानी से लेकर गहरे समुद्र तल तक है. खासकर ध्रुवीय इलाकों में ये ज़्यादा पाए जाते हैं. इसके अलावा आकार में भी बड़ा फर्क है. गहरे समुद्र में कुछ प्रजातियां 50 सेंटीमीटर से भी बड़ी होती हैं, जबकि तटीय प्रजातियां आमतौर पर छोटी रहती हैं.

नर पिता, जो अंडे लेकर घूमते हैं

इन जीवों में बच्चों की देखभाल की ज़िम्मेदारी नर की होती है. दरअसल नर के पास ‘ओविजर’ नाम के खास पैर होते हैं. फिर इन्हीं पर वह निषेचित अंडे लेकर चलता है. NOAA के मुताबिक कई बार नर छोटे बच्चों को भी साथ ढोते हैं.

यही ओविजर एक और काम भी करते हैं. यानी वे शरीर की सफाई में मदद करते हैं. कनाडा की नई खोज में यही अंतर दोनों प्रजातियों को अलग करता है.

कनाडा में मिलीं दो नई प्रजातियां

यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया की टीम ने सैलिश सागर से दो प्रजातियां दर्ज की हैं. फिलहाल यह अध्ययन ‘ऑर्गेनिज़्म्स डायवर्सिटी एंड इवोल्यूशन’ में छपा. मुख्य लेखक कॉर्मैक टोलर-स्कॉट हैं और सह-लेखकों में ब्रायन लीएंडर भी हैं. UBC के मुताबिक करीब एक सदी में यहां से औपचारिक रूप से बताई गई ये पहली नई सी स्पाइडर प्रजातियां हैं.

पहली प्रजाति कैलिपलीन पिलोसुस्पेडीस के ओविजर फुर्तीले हैं और उन पर कंघी जैसे कांटे हैं. वहीं दूसरी प्रजाति टैनिस्टाइलम कीखिन के ओविजर छोटे और कम लचीले हैं. नतीजतन वह गंदगी और परजीवियों से ढकी रहती है. शोधकर्ताओं ने उसे ‘इकोसिस्टम के अंदर इकोसिस्टम’ कहा है.

नई प्रजाति को नाम कैसे मिलता है

किसी जीव को नई प्रजाति कहने से पहले वैज्ञानिक उसकी तुलना पहले से ज्ञात प्रजातियों से करते हैं. ऐसे में इस अध्ययन में टीम ने दो रास्ते अपनाए. सबसे पहले माइक्रोस्कोप से शरीर की बारीक बनावट दर्ज की गई. उदाहरण के लिए आंखों का रंग, मुंह के होंठ और पैरों के कांटे.

इसके बाद DNA की जांच की गई. UBC के मुताबिक सैलिश सागर की इन प्रजातियों के लिए यह पहला व्यापक आनुवंशिक विश्लेषण है. यानी बनावट और DNA, दोनों सबूत मिलकर बताते हैं कि जीव सच में नया है.

फिर नाम दो हिस्सों में रखा जाता है. पहला हिस्सा जीनस यानी वंश का होता है, दूसरा प्रजाति का. जैसे ‘पिलोसुस्पेडीस’ का लैटिन मतलब बालों वाले पैर है. वहीं ‘कीखिन’ एक प्राचीन स्थानीय आदिवासी गांव के स्थल से लिया गया है. आखिर में यह विवरण किसी शोध पत्रिका में छपता है, तभी नाम औपचारिक माना जाता है.

यह पहचान क्यों ज़रूरी है

टोलर-स्कॉट के मुताबिक जलवायु परिवर्तन का समुद्री जीवों पर असर समझने के लिए पहले उन्हें पहचानना ज़रूरी है. इसलिए टीम ने पहचान की एक गाइड भी बनाई है. आखिर जिस जीव का नाम ही दर्ज न हो, उसकी घटती-बढ़ती संख्या पर नज़र रखना मुश्किल है. कुल मिलाकर सी स्पाइडर क्या होते हैं, यह सवाल समुद्र की सेहत समझने से भी जुड़ता है.

सी स्पाइडर से जुड़े आम सवाल

सी स्पाइडर क्या होते हैं, क्या ये काटते हैं?

वॉशिंगटन राज्य के पर्यावरण विभाग के मुताबिक इनमें ज़हरीले दांत नहीं होते और ये इंसानों के लिए खतरा नहीं हैं.

क्या ये बहुत पुराने जीव हैं?

UBC की जानकारी के मुताबिक इनका वंश करीब 50 करोड़ साल पुराना माना जाता है.

नोट: प्रजातियों की कुल संख्या अलग-अलग स्रोतों में अलग बताई गई है. नई खोजों के साथ यह जानकारी बदल सकती है.

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