Narendra Modi ने सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य को ₹4000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस खास मौके पर उन्होंने सिक्किम को “पूर्वी भारत का स्वर्ग” बताते हुए इसकी प्राकृतिक सुंदरता और स्वच्छता की जमकर सराहना की।
गंगटोक में दिखा पीएम का अलग अंदाज
Gangtok में अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री का एक अलग और प्रेरणादायक रूप देखने को मिला। आधिकारिक कार्यक्रमों से पहले उन्होंने युवाओं के साथ फुटबॉल खेलकर माहौल को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।
पीएम ने इस अनुभव को खास बताते हुए कहा कि युवाओं के साथ खेलना उन्हें नई ऊर्जा और सकारात्मकता से भर देता है।
₹4000 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को रफ्तार
सिक्किम के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर शुरू की गई ये परियोजनाएं राज्य के विकास को नई दिशा देंगी। इनमें शामिल हैं:
- सड़क और कनेक्टिविटी का विस्तार
- स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का उन्नयन
- ऊर्जा और शहरी विकास योजनाएं
- पर्यटन और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं के जरिए राज्य में समावेशी और तेज विकास सुनिश्चित करना है।
“एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का उदाहरण सिक्किम
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सिक्किम को राष्ट्रीय एकता का मजबूत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जब देश को विभाजित करने की कोशिशें हो रही हैं, ऐसे समय में सिक्किम एकजुटता और विकास का संदेश देता है।
पर्यटन को बताया अर्थव्यवस्था की रीढ़
प्रधानमंत्री ने सिक्किम की स्वच्छ हवा, सुंदर सड़कों और प्राकृतिक संपदा की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य प्रकृति संरक्षण में अग्रणी है। उन्होंने पर्यटकों से राज्य के प्रसिद्ध ऑर्किडेरियम का दौरा करने की अपील की और कहा कि पर्यटन यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
ऑर्किडेरियम और आधुनिक पार्क का दौरा
अपने दौरे की शुरुआत पीएम ने स्वर्णजयंती मैत्री मंजरी पार्क स्थित ऑर्किडेरियम से की। यह केंद्र सिक्किम की जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाने वाला विश्वस्तरीय आकर्षण बन रहा है।
इसके बाद उन्होंने पलजोर स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लिया, जहां विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और जनता को संबोधित किया गया।
सिक्किम के लिए ऐतिहासिक पल
सिक्किम के 50 साल पूरे होने का यह अवसर राज्य के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। विकास परियोजनाओं और राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति ने इस उत्सव को और भी खास बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा आने वाले वर्षों में सिक्किम के बुनियादी ढांचे और पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।