भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पर 24वें दौर की वार्ता मंगलवार को हैदराबाद हाउस में आयोजित हुई। इस दौरान भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की और कई अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।
सीमा पर शांति बनी रहे – डोभाल
वार्ता के दौरान डोभाल ने कहा कि पिछले साल कजान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद से दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
उन्होंने कहा –
“सीमाओं पर तैनात हमारी सेनाओं की परिपक्वता और जिम्मेदारी की वजह से शांति बनी हुई है। यह स्थिरता हमारे द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूती देती है।”
राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष
भारत-चीन संबंध इस वर्ष अपनी 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। डोभाल ने इसे “जश्न का अवसर” बताते हुए कहा कि इस दौरान दोनों देशों ने नई ऊर्जा और सहयोग की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने आशा जताई कि 24वीं एसआर-स्तरीय वार्ता भी पिछले साल की तरह सफल होगी और आगामी एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा इसके महत्व को और बढ़ाएगी।
सहयोग के नए रास्ते
NSA डोभाल ने कहा कि कजान वार्ता से बने सकारात्मक माहौल ने दोनों देशों को सहयोग के नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्होंने वांग यी के प्रयासों और दोनों देशों की राजनयिक टीमों की भूमिका की सराहना की।
जयशंकर से भी हुई थी अहम चर्चा
इससे एक दिन पहले चीनी विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी मुलाकात की थी। उस बैठक में जयशंकर ने साफ कहा था कि भारत-चीन संबंधों की गति तभी बढ़ सकती है जब सीमावर्ती इलाकों में शांति और भरोसा कायम रहे।