रायपुर शहर के सबसे बड़े निजी अस्पताल NHMMI का संचालन अब ठप कर दिया गया है। कलेक्टर गौरव सिंह ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया है क्योंकि अस्पताल पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें लापरवाही से मरीज की मौत और परिवार से अवैध रूप से ₹15 लाख वसूली शामिल है।
क्या हुआ था मामला?
सितंबर 2024 में एक बुजुर्ग महिला की हालत गंभीर होने पर उन्हें NHMMI में भर्ती किया गया। वहां से इलाज में सुधार ना होने पर हैदराबाद रेफर किया गया। लेकिन एयर एम्बुलेंस में न डॉक्टर था, न जीवन रक्षक उपकरण। टेकऑफ के कुछ ही मिनटों में फ्लाइट लौट आई और रास्ते में ही मरीज की मृत्यु हो गई।
परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही और आर्थिक शोषण के आरोप लगाए। इस शिकायत के आधार पर जांच समिति गठित की गई, जिसने अस्पताल को दोषी पाया।
प्रशासन की कार्रवाई
- अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द
- ₹20,000 का जुर्माना लगाया गया
- संभावित आपराधिक मुकदमे की तैयारी
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में निजी अस्पतालों की निगरानी और पारदर्शिता को बढ़ाया जाएगा। इस निर्णय से मरीजों के अधिकारों की रक्षा को मजबूती मिलती है।
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