NCR मेडिकल कॉलेज विवाद ने यूपी की राजनीति और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है।
बीजेपी नेत्री और पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल के मेडिकल कॉलेज पर नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) ने कड़ी कार्रवाई की है।
NMC ने भ्रष्टाचार, फर्जी दस्तावेज और नियमों की अनदेखी के चलते कॉलेज की सभी MBBS सीटें शून्य घोषित कर दी हैं।
अब इस शैक्षणिक सत्र में किसी भी छात्र का दाखिला संभव नहीं होगा, जिससे कॉलेज की मान्यता पर गंभीर असर पड़ा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉलेज प्रशासन ने फर्जी फैकल्टी, काल्पनिक मरीजों और बायोमेट्रिक सिस्टम में गड़बड़ी दिखाकर मान्यता को बनाए रखने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, जांच पैनल को रिश्वत देकर फर्जी रिपोर्ट बनवाई गई, जिसके साक्ष्य सामने आने पर सीबीआई ने जांच शुरू की।
CBI ने डॉ. सरोजिनी की बेटी शिवानी अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
गौरतलब है कि यह कॉलेज पहले मुलायम सिंह यादव मेडिकल कॉलेज के नाम से संचालित होता था, जिसे बीजेपी में आने के बाद बदला गया।
अब सियासी पहुंच से मिली मान्यता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और डॉ. सरोजिनी को राजनीतिक एवं शैक्षणिक मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है।
NCR मेडिकल कॉलेज विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, जहां चिकित्सा शिक्षा की साख और पारदर्शिता पर गहरी चोट हुई है।