बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता मनोज कुमार का निधन हो गया है, जिन्होंने भारतीय सिनेमा में देशभक्ति को नई पहचान दी थी।
87 वर्षीय मनोज कुमार लंबे समय से बीमार थे और आज उन्होंने अंतिम सांस ली, जिससे सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
उनकी फिल्मों और अभिनय शैली ने उन्हें भारत कुमार की उपाधि दिलाई क्योंकि वे हर फिल्म में भारत माता की बात करते थे।
मनोज कुमार का निधन भारतीय फिल्म जगत में एक युग के अंत का संकेत है, जो देशप्रेम से भरा हुआ था।
🎵 “जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने” की भावना
उनकी फिल्म पूरब और पश्चिम (1970) में आया गीत “जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने” आज फिर वायरल हो गया है।
यह गीत सिर्फ एक रचना नहीं बल्कि भारत के ज्ञान, विज्ञान और योगदान की गाथा है।
गीत के बोल, “जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने, दुनिया को तब गिनती आई…” आज भी गर्व से भर देते हैं।
मनोज कुमार का निधन इस गीत को और अधिक मूल्यवान बना देता है क्योंकि इसने एक सोच को स्वर दिया था।
🎬 देशभक्ति पर आधारित प्रमुख फिल्में
मनोज कुमार ने अपने करियर में अनेक फिल्में बनाई जो समाज और राष्ट्र को केंद्र में रखती थीं।
उनकी कुछ प्रसिद्ध देशभक्ति फिल्में निम्नलिखित हैं:
- उपकार (1967): भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर, किसान और सैनिक की दोहरी भूमिका।
- पूरब और पश्चिम (1970): भारतीय संस्कृति बनाम पश्चिमी सोच का सुंदर चित्रण।
- रोटी कपड़ा और मकान (1974): बेरोजगारी, गरीबी और आम आदमी की लड़ाई।
- क्रांति (1981): स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित ऐतिहासिक फिल्म।
मनोज कुमार का निधन इन फिल्मों की भावना को और भी भावुक बना देता है क्योंकि ये आज भी प्रासंगिक हैं।
श्रद्धांजलि और स्मरण
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और फिल्म जगत की हस्तियों ने अभिनेता मनोज कुमार को श्रद्धांजलि दी है।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “मनोज कुमार का निधन एक प्रेरणा के स्तंभ का अंत है। उनकी फिल्में सदैव याद रहेंगी।”
उनका जीवन और फिल्मों के माध्यम से दिया गया संदेश हमेशा लोगों के दिलों में रहेगा।
उनकी सोच, संवाद और निर्देशन भारतीय मूल्यों की बुनियाद थे।
यह भी पढ़ें: चित्रोत्पला फिल्म सिटी से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगा नया आयाम