छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर की बेटी फामेश्वरी यादव ने राज्य की पहली महिला अग्निवीर बनकर इतिहास रच दिया है। उनके इस साहसिक कदम ने पूरे राज्य का गौरव बढ़ाया है। भारतीय सेना में बतौर अग्निवीर चयनित होकर उन्होंने अपने सपनों को साकार किया और प्रदेश की अन्य बेटियों को भी प्रेरित किया। उनके चयन के बाद पूरे गांव और जिले में खुशी का माहौल है। समाज प्रमुखों ने उनका भव्य स्वागत किया और सम्मान समारोह आयोजित कर उनके इस उपलब्धि को सराहा।
अग्निवीर योजना क्या है?
भारत सरकार ने 2022 में अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत 17.5 से 23 वर्ष के युवाओं को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल की सेवा का अवसर दिया जाता है। इसमें चयनित युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण और सेवा के दौरान आकर्षक वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। सेवा के बाद 25% अग्निवीरों को स्थायी तौर पर सेना में शामिल किया जाता है, जबकि बाकी को आर्थिक सहायता और अन्य लाभों के साथ सिविल सेक्टर में करियर बनाने का मौका मिलता है।
फामेश्वरी यादव का सफर और संघर्ष
फामेश्वरी यादव का सेना में चयन कठिन परिश्रम और संकल्प का परिणाम है। अग्निवीर बनने के लिए उन्होंने शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को तैयार किया। इस योजना में भर्ती के लिए लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और मेडिकल परीक्षण से गुजरना पड़ता है। उन्होंने हर चरण को सफलतापूर्वक पार किया और प्रदेश की पहली महिला अग्निवीर बनने का गौरव हासिल किया।
समाज और परिवार की प्रतिक्रिया
फामेश्वरी की इस उपलब्धि से परिवार, गांव और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। माता-पिता और समाज के लोगों ने इस अवसर को गर्व का क्षण बताया। उनका मानना है कि फामेश्वरी यादव जैसी बेटियां नई पीढ़ी को आगे बढ़ने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देंगी।
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