महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त जबरदस्त हलचल मच गई, जब अर्बन लैंड सीलिंग (ULC) घोटाले से जुड़ी एक गोपनीय रिपोर्ट सामने आई। यह रिपोर्ट पूर्व पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला द्वारा अपने सेवानिवृत्त होने से कुछ दिन पहले तैयार कर गृह विभाग को सौंपी गई थी। रिपोर्ट में मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक कथित साजिश के तहत फंसाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मीडिया सूत्रों के अनुसार, यह रिपोर्ट महाराष्ट्र के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपी गई है। इसमें दावा किया गया है कि वर्ष 2021 में तत्कालीन पुलिस महानिदेशक संजय पांडे ने 160 करोड़ रुपये के कथित ULC घोटाले में फडणवीस और शिंदे के खिलाफ झूठे आरोप गढ़ने की कोशिश की थी। उस समय देवेंद्र फडणवीस नेता प्रतिपक्ष थे, जबकि एकनाथ शिंदे शहरी विकास विभाग से जुड़े हुए थे।
रिपोर्ट में यह भी आरोप है कि ठाणे पुलिस अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाया गया और मामले में तत्कालीन विपक्षी नेताओं को आरोपी के रूप में नामजद करने के निर्देश दिए गए। गोपनीय दस्तावेज के अनुसार, पूर्व डीजीपी ने न सिर्फ कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करने की कोशिश की, बल्कि गिरफ्तारी तक के आदेश दिए जाने की बात भी सामने आई है।
इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होते ही राज्य की राजनीति के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। निकाय चुनाव से पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार और जांच एजेंसियां इस सनसनीखेज खुलासे पर आगे क्या कदम उठाती हैं