राजधानी रायपुर के गांधी उद्यान में आयोजित राज्य स्तरीय फल-फूल प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार को गरिमामय वातावरण में हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि फूल और संगीत दोनों ही मनुष्य के जीवन में शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आनंद का संचार करते हैं।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज फूलों की खेती केवल शौक तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक सशक्त उद्योग के रूप में उभर रही है। उन्होंने ताइवान का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पुष्प व्यवसाय अत्यंत विकसित है और छत्तीसगढ़ में भी उद्यानिकी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें नीति और प्रोत्साहन से नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।
ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती पर जोर देते हुए राज्यपाल डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कृषि पद्धतियां पहले से ही प्रकृति के अनुकूल रही हैं। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता और मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में ऑर्गेनिक खेती और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने युवाओं से कृषि और फार्मिंग के प्रति रुचि विकसित करने की अपील करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता की व्यापक संभावनाएं हैं। साथ ही मधुमक्खी पालन, खाद की गुणवत्ता और प्रसंस्करण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया गया। आयोजन में उद्यानिकी विभाग, कृषि विशेषज्ञों, किसानों और बड़ी संख्या में दर्शकों की सहभागिता रही।