मोहन भागवत के जेन-जी संवाद पर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया

अभिजीत दीपके

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले जेन-जी संवाद को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि युवाओं से बातचीत करना सकारात्मक कदम है, लेकिन ऐसे कार्यक्रमों में नेतृत्व भी युवाओं के हाथ में होना चाहिए। उन्होंने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं के कथित पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का भी समर्थन किया।

जेन-जी संवाद पर क्या बोले अभिजीत दीपके

अभिजीत दीपके ने कहा कि देश में युवाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है, तो उसमें युवा प्रतिनिधियों की भागीदारी भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि 6 अगस्त को मुंबई में होने वाले कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जेन-जी और जेन-अल्फा के छात्रों से संवाद करेंगे। उनके अनुसार, यह पहल स्वागत योग्य है, लेकिन यदि युवा स्वयं इस संवाद का नेतृत्व करें तो इसका प्रभाव और अधिक होगा।

झारखंड छात्र आंदोलन पर भी दिया बयान

जेन-जी संवाद पर प्रतिक्रिया देने के साथ ही अभिजीत दीपके ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कथित भर्ती परीक्षा पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

दीपके ने कहा कि उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत की है। उनके अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर तंबू लगाने और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर छात्रों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में खड़ी है।

जेन-जी संवाद के बीच छात्रों की क्या हैं प्रमुख मांगें

झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं की जांच राज्य के बाहर के हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति से कराने की मांग की है। इससे पहले छात्र सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से भी जांच की मांग कर चुके हैं।

छात्रों का आरोप है कि मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। वहीं राज्य सरकार की ओर से जांच की जिम्मेदारी अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

मुख्य अपडेट

  • छात्र 29 जुलाई से अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
  • स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग।
  • पहले सीबीआई और ईडी जांच की भी मांग उठी।
  • सीजेपी ने आंदोलन का समर्थन किया।
  • भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग दोहराई गई।

युवाओं की भागीदारी पर बढ़ी चर्चा

जेन-जी संवाद को लेकर देशभर में युवाओं की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की सक्रिय भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवाद कार्यक्रम युवाओं के विचार जानने का अवसर प्रदान करते हैं। वहीं विभिन्न संगठनों का कहना है कि युवा नेतृत्व को अधिक अवसर दिए जाने चाहिए, ताकि उनकी आवाज सीधे नीति निर्माण तक पहुंच सके।

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