श्योपुर, मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में एक मां ने बहादुरी की मिसाल पेश की। तेंदुए के हमले से अपने नौ वर्षीय बेटे को बचाने के लिए वह मौत से लड़ गई। यह घटना कुनो नेशनल पार्क के पास उमरीकला गांव में हुई।
अविनाश धाकड़ घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक खूंखार तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। उसकी चीखें सुनकर उसकी मां सुरक्षा धाकड़ तुरंत दौड़ीं और दरिंदे से भिड़ गईं। तेंदुए ने बच्चे के चेहरे और गर्दन में अपने पंजे और दांत गड़ा दिए, लेकिन मां ने हार नहीं मानी। उन्होंने इसे ऐसा अनुभव बताया “जैसे 50 लोग मेरे बेटे को खींच रहे हों।”
लगभग एक अनंत काल जैसी लड़ाई के बाद, मां ने किसी तरह अपने बेटे को तेंदुए की पकड़ से छुड़ा लिया। हालांकि, तेंदुए ने बच्चे को बुरी तरह घायल कर दिया। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मां की ममता ने फिर रचा इतिहास
इस घटना ने साबित कर दिया कि मां की ममता से बड़ा कोई बल नहीं। सुरक्षा धाकड़ की बहादुरी की हर जगह सराहना हो रही है। वन विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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