बिलासपुर में पशु सेवा की एक अद्वितीय मिसाल देखने को मिली, जहां एक पालतू श्वान ने बीमार श्वान को रक्तदान कर उसकी जान बचा ली। मामला जांजगीर-चांपा के सिवनी निवासी नीलम सूर्यवंशी के लैब्राडोर डॉग का है, जो लंबे समय से उल्टी-दस्त से जूझ रहा था और उसके शरीर में मात्र 2.5 ग्राम ब्लड बचा था। डॉक्टरों ने तत्काल ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत बताई।
इसी दौरान समाजसेवी रूपेंद्र वैष्णव ने अपने डॉग “शैम्पू” का ब्लड देने का फैसला किया। सरकंडा स्थित क्लीनिक में डॉक्टरों ने सफल ट्रांसफ्यूजन कर बीमार लैब्राडोर को नया जीवन दिया। रूपेंद्र वैष्णव ने कहा कि जैसे इंसानों में रक्तदान जरूरी है, वैसे ही पालतू जानवरों में भी समय पर ब्लड डोनेशन कई जीवन बचा सकता है।