रायपुर। जीरो एफआईआर व्यवस्था को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य सचिव विकास शील ने गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई अहम निर्देश जारी किए। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के प्रदर्शन की समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बातें
- गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक।
- जीरो एफआईआर प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश।
- ई-चार्जशीट और ई-साक्ष्य के उपयोग पर जोर।
- न्याय श्रुति प्रणाली जल्द होगी शुरू।
- CCTNS प्रदर्शन सुधारने की तैयारी।
जीरो एफआईआर के साथ ई-चार्जशीट पर विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में जीरो एफआईआर व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।
साथ ही ई-चार्जशीट और ई-साक्ष्य के उपयोग को बढ़ाकर जांच प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाए।
उन्होंने न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही की सुविधा बढ़ाने के लिए ‘न्याय श्रुति प्रणाली’ को जल्द शुरू करने पर भी जोर दिया।
इसके अलावा 60 और 90 दिन की निर्धारित समयसीमा के भीतर चालान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
NCRB स्कोर सुधारने की तैयारी
बैठक में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के स्टेट स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 64.97 अंक मिले हैं। हालांकि प्रशासनिक सुधार और मेडिको-लीगल रिपोर्ट पोर्टल के क्रियान्वयन में राज्य ने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, वहां विभागीय समन्वय बढ़ाकर जल्द परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
उन्होंने डिजिटल तकनीक आधारित पुलिसिंग को कानून व्यवस्था मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
एक नजर में
- मंत्रालय महानदी भवन में हुई बैठक।
- मुख्य सचिव विकास शील ने की समीक्षा।
- डीजीपी अरुण देव गौतम रहे मौजूद।
- डिजिटल जांच प्रक्रिया को मिलेगा बढ़ावा।
- समयबद्ध चालान प्रस्तुत करने के निर्देश।
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