नीट पेपर लीक विवाद से शुरू हुआ CJP Protest अब देशव्यापी चर्चा का विषय बन चुका है। जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन 34वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सरकार की ओर से अभी तक आंदोलन की सभी मांगों पर अंतिम फैसला नहीं आया है। इसलिए प्रदर्शनकारी अपना धरना जारी रखे हुए हैं। दूसरी ओर, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रदर्शन स्थल के आसपास इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं।
सोनम वांगचुक ने बातचीत का दिया संकेत
आंदोलन से जुड़े शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लंबे समय से अनशन पर हैं। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाते हैं तो प्रदर्शनकारियों से आंदोलन स्थगित कर सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील की जा सकती है।
हालांकि, वांगचुक ने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इस बीच उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ी है। आंदोलन से जुड़े लोगों का दावा है कि अनशन के दौरान उनका वजन लगभग 11 किलोग्राम कम हो गया है।
CJP Protest पर सीजेपी अपने रुख पर कायम
सोनम वांगचुक के नरम रुख के बावजूद CJP Protest का नेतृत्व कर रही सीजेपी ने अपनी मांगों में कोई बदलाव नहीं किया है। संगठन का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित सभी प्रमुख मांगें पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा।
संगठन ने यह भी मांग दोहराई कि पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने और पुलिस कार्रवाई की जांच कराने की भी मांग उठाई गई।
विदेशों तक पहुंचा आंदोलन
जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है। न्यूयॉर्क, सैन जोस, लंदन और डब्लिन में कुछ समूहों ने प्रदर्शन कर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। इससे इस मुद्दे को वैश्विक स्तर पर भी ध्यान मिला है।
दूसरी ओर, भारत के कई राज्यों में भी छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसलिए आने वाले दिनों में इस आंदोलन का स्वरूप और बड़ा हो सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
दो केंद्रीय मंत्रियों की अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद बातचीत की संभावना पर चर्चा तेज हुई है। हालांकि, सीजेपी का कहना है कि सरकार को जंतर-मंतर आकर औपचारिक वार्ता करनी चाहिए।
यदि दोनों पक्षों के बीच संवाद शुरू होता है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। वहीं मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में प्रदर्शन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।
- पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई।
- आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग।
- प्रभावित छात्रों को मुआवजा देने की मांग।
- पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच।
अब तक की प्रमुख घटनाएं
- आंदोलन 20 जून से जंतर-मंतर पर जारी।
- 28 जून को सोनम वांगचुक आंदोलन से जुड़े।
- कई राज्यों में छात्रों ने समर्थन प्रदर्शन किए।
- विदेशों में भी समर्थन कार्यक्रम आयोजित हुए।
- सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की अटकलें तेज।
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