छात्रों के प्रदर्शन के बीच Supreme Court Metro Station बंद होने का मुद्दा गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने अदालत से आग्रह किया कि वकीलों, पक्षकारों और रजिस्ट्री कर्मचारियों को उचित सुरक्षा जांच के बाद स्टेशन का उपयोग करने की अनुमति दी जाए।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास वैध प्रवेश पास या प्रॉक्सिमिटी कार्ड हैं, उन्हें नियंत्रित तरीके से बाहर निकलने दिया जा सकता है। इससे अदालत के कामकाज पर अनावश्यक असर नहीं पड़ेगा और सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहेगी।
CJI सूर्य कांत ने अधिकारियों को दिया समाधान का समय
Supreme Court Metro Station मामले पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने बताया कि उन्होंने सुबह ही सुप्रीम कोर्ट प्रशासन को मेट्रो अधिकारियों से बात करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि दोपहर तक कोई समाधान नहीं निकलता है, तो वह स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को भरोसा दिलाया कि अदालत के कामकाज में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
Supreme Court Metro Station के कारण वकीलों को हुई परेशानी
स्टेशन बंद होने के कारण बड़ी संख्या में वकीलों, कर्मचारियों और पक्षकारों को अदालत पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसे देखते हुए मुख्य न्यायाधीश ने एक सर्कुलर भी जारी किया।
सर्कुलर में कहा गया कि यदि किसी वकील की अनुपस्थिति केवल मेट्रो स्टेशन बंद होने के कारण होती है, तो संबंधित मामलों में कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाए। इससे अदालत आने वाले लोगों को अस्थायी राहत मिली है।
सुरक्षा कारणों से 16 मेट्रो स्टेशन बंद
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने सुरक्षा कारणों और ‘चलो संसद’ प्रदर्शन को देखते हुए सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक 16 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए।
हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज सुविधा जारी रखी गई। इससे अन्य रूटों पर यात्रा करने वालों को कुछ राहत मिली।
बंद किए गए प्रमुख मेट्रो स्टेशन
- सुप्रीम कोर्ट
- राजीव चौक
- लोक कल्याण मार्ग
- पटेल चौक
- जनपथ
- मंडी हाउस
- सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
- आईटीओ
- दिल्ली गेट
- इंद्रप्रस्थ
- खान मार्केट
- जोर बाग
- शिवाजी स्टेडियम
- सेवा तीर्थ
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- बाराखंभा रोड
CJI के प्रमुख निर्देश
- अधिकारियों से तत्काल समाधान निकालने को कहा।
- वकीलों और कर्मचारियों की सुविधा पर जोर दिया।
- जरूरत पड़ने पर स्वयं हस्तक्षेप करने की बात कही।
- वकीलों की अनुपस्थिति पर प्रतिकूल आदेश नहीं देने का निर्देश।
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