स्कूलों में गुणवत्ता सुधार का अभियान
छत्तीसगढ़ में अब सरकारी स्कूलों में ‘गुणवत्ता अभियान’ शुरू किया गया है, जिसमें शिक्षकों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस पहल के तहत स्कूलों में शिक्षण पद्धतियों को रोचक और छात्र-केंद्रित बनाया जा रहा है, जिससे सीखने की प्रक्रिया में सुधार हो।
कॉलेजों में नई शिक्षा नीति का कार्यान्वयन
राज्य के सभी महाविद्यालयों में चार वर्षीय पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को हर वर्ष एक नई डिग्री मिलने लगेगी।
पहले वर्ष के बाद प्रमाणपत्र, दूसरे वर्ष में डिप्लोमा, तीसरे में डिग्री और चौथे में ऑनर्स डिग्री मिलेगी।
यह प्रणाली छात्रों को लचीलापन और बेहतर करियर विकल्प देने के लिए तैयार की गई है।
नालंदा परिसर: शिक्षा का नया आधार
छत्तीसगढ़ में 17 नए नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं, जो उच्च शिक्षा के लिए विशेष रूप से विकसित किए जा रहे हैं।
इन परिसरों में युवाओं को तकनीकी, वैज्ञानिक और व्यवसायिक शिक्षा के अवसर मिलेंगे जो उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे।
विशेष शिक्षकों की नियुक्ति
राज्य सरकार ने विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए 100 से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की स्वीकृति दी है।
इससे शिक्षा समावेशी बनेगी और प्रत्येक छात्र को उसकी क्षमता के अनुसार शिक्षण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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