बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य की सियासत में आज एक बड़ा मोड़ आया जब महागठबंधन (Grand Alliance) ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। वहीं वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया गया है।
पटना के एक बड़े होटल में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में कांग्रेस, राजद, वामदल, वीआईपी और आईआईपी के शीर्ष नेता शामिल हुए। सभी दलों ने एक स्वर में कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट और बदलाव के लिए तैयार है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बिहार की जनता अब परिवर्तन चाहती है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा —
“इस चुनाव में महागठबंधन का नेतृत्व युवा और ऊर्जावान नेता तेजस्वी यादव करेंगे। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में जो वादे किए, उन पर खरे उतरे हैं। इसलिए महागठबंधन उन्हें मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करता है।”
इसके साथ ही गहलोत ने यह भी कहा कि मुकेश सहनी, जो पिछड़े वर्गों और मछुआरा समुदाय के बीच मजबूत जनाधार रखते हैं, उन्हें डिप्टी सीएम फेस बनाया गया है।
इससे पहले तेजस्वी यादव और अशोक गहलोत के बीच बंद कमरे में लंबी बातचीत हुई, जिसमें सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। महागठबंधन के अन्य नेताओं ने भी विश्वास जताया कि इस बार भारी बहुमत से सत्ता में वापसी होगी।
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि “हम इस पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। महागठबंधन का उद्देश्य भाजपा की विभाजनकारी राजनीति को समाप्त कर बिहार में एक नई दिशा देना है।”
भाकपा-माले के नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि नीतीश सरकार ने छात्रों और महिलाओं के साथ अन्याय किया है, और अब जनता परिवर्तन के लिए तैयार है।
महागठबंधन के नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में इस बार महाराष्ट्र जैसा कोई ‘राजनीतिक खेल’ नहीं दोहराया जाएगा। सातों दलों ने एकजुट होकर बदलाव और विकास के एजेंडे को लागू करने का संकल्प दोहराया।