भिलाई में विकास की रफ्तार को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 241 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन से रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव समेत पूरे अंचल को लाभ मिलेगा। इसलिए अब नगरीय सुविधाओं का विस्तार तेज गति से होगा और लोगों को आधुनिक संसाधन मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव में किए गए अटल विश्वास पत्र के सभी वादों को सरकार चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। इसी क्रम में भिलाई नगर पालिक निगम के लिए 20 करोड़ रुपये के नए कार्यालय भवन की घोषणा भी की गई।
सीएम साय ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों को तेजी से विकसित करने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। इसके माध्यम से प्रशासन को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है। इसलिए आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य की 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं। अगले छह महीनों में पांच हजार और पंचायतों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। इसके बाद 24 अप्रैल 2026 को पंचायती राज दिवस पर छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे।
कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 महीनों में अधिकांश गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। किसानों के लिए 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ की खरीदी की जा रही है और 3100 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना से 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। वहीं भूमिहीन कृषि मजदूरों को दीनदयाल उपाध्याय योजना के अंतर्गत सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या यात्रा कर चुके हैं। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है और श्रद्धालुओं को ऐतिहासिक अवसर प्राप्त हुआ है।
सीएम साय ने भिलाई की जनता से कहा कि आने वाले समय में विकास की और भी बड़ी योजनाएं सामने लाई जाएंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ को आधुनिकता और समृद्धि की राह पर आगे ले जाया जाएगा।