भारतीय सेना के गौरव, लेफ्टिनेंट कर्नल भानु प्रताप सिंह मनकोटिया ने लद्दाख के कठिन भूगोल में देश सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। बुधवार को पूर्वी लद्दाख के दुरबुक क्षेत्र में सेना के एक वाहन पर भारी चट्टान गिरने से उनका वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में वह और लांस नायक दफादार दलजीत सिंह शहीद हो गए।
लेफ्टिनेंट कर्नल भानु प्रताप सिंह का सैन्य जीवन प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने IMA में ट्रेनिंग के दौरान सर्वोच्च सम्मान ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ और गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। उनकी वीरता और अनुशासन उन्हें सेना में विशिष्ट स्थान प्रदान करता है।
सेना के बाकी तीन अधिकारी जो इस हादसे में घायल हुए हैं—मेजर मयंक शुभम, मेजर अमित दीक्षित और कैप्टन गौरव—अभी उपचाराधीन हैं।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका बलिदान सेना के इतिहास में अमर रहेगा। यह घटना न केवल एक सैन्य त्रासदी है बल्कि एक राष्ट्रीय शोक भी है।