छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में 210 नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसके लिए भाजपा सरकार और सुरक्षाबलों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के कारण दशकों तक गहरी पीड़ा सही है। हमने अनेक जवानों, आदिवासियों और यहां तक कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को भी खोया है।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के पिछले शासनकाल में माओवाद के खिलाफ इच्छाशक्ति की कमी रही, जबकि 2018 में हमारी सरकार आने के बाद नक्सल उन्मूलन नीति बनाई गई, बड़ी संख्या में कैंप खोले गए, सड़कें बनीं, स्कूलों की घंटियां फिर से गूंजीं, और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास के नए रास्ते खुले।
भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि “केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का इस लड़ाई में सहयोग रहा। हमने इस चुनौती को देश की साझा जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया। आज बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण से यह स्पष्ट है कि बस्तर में शांति लौट रही है और देश इस जंग को मिलकर जीतेगा।”
उन्होंने अंत में कहा — “सरकार और सुरक्षाबलों को इस सफलता के लिए बधाई। विश्वास, विकास और सुरक्षा की नीति अब स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ रही है।”