रायपुर से चोरी हुई 20 लाख डॉलर की प्रतिमा भारत लौटी

avlokiteshwar statue

भारत की सांस्कृतिक विरासत को लेकर एक बड़ी सफलता सामने आई है। अमेरिका ने भारत को 1.4 करोड़ डॉलर मूल्य की 657 प्राचीन वस्तुएं लौटाई हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur से चोरी हुई ‘अवलोकितेश्वर’ की दुर्लभ कांस्य प्रतिमा भी शामिल है। इस प्रतिमा की कीमत करीब 20 लाख डॉलर (लगभग 19 करोड़ रुपये) आंकी गई है, जो इसे लौटाई गई वस्तुओं में सबसे खास बनाती है।

यह प्रतिमा मूल रूप से महासमुंद जिले के प्राचीन Lakshman Temple Sirpur क्षेत्र से मिली थी और बाद में Mahant Ghasidas Memorial Museum में संरक्षित थी। वर्ष 1982 के आसपास इसे संग्रहालय से चोरी कर अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के जरिए अमेरिका पहुंचा दिया गया। 2014 में इसे न्यूयॉर्क के एक निजी संग्रह में ट्रैक किया गया और 2025 में मैनहट्टन जिला अटॉर्नी की एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट ने जब्त कर लिया।

अमेरिका में Manhattan District Attorney’s Office ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जिला अटॉर्नी Alvin Bragg ने बताया कि यह वापसी अंतरराष्ट्रीय कला तस्करी गिरोहों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता है। इस मामले में कुख्यात तस्कर Subhash Kapoor और उससे जुड़े नेटवर्क की भूमिका भी सामने आई है।

इन प्राचीन वस्तुओं को न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में भारत को सौंपा गया, जहां अधिकारियों ने इसे सांस्कृतिक विरासत की बड़ी वापसी बताया। इस अभियान में अमेरिकी एजेंसियों और भारतीय अधिकारियों के बीच सहयोग अहम रहा।
लौटाई गई वस्तुओं में मध्य प्रदेश से चोरी हुई गणेश की मूर्ति और 75 लाख डॉलर मूल्य की बुद्ध प्रतिमा भी शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बरामदगी न केवल भारत की खोई हुई धरोहर को वापस लाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक संपदा की सुरक्षा के लिए एक मजबूत संदेश भी है।

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