रायपुर के ब्राम्हणपारा वार्ड में महीनों से जारी पेयजल संकट अब तकनीक से हल करने की कोशिश की जा रही है। नगर निगम ने पाइपलाइन की जांच के लिए रोबोटिक लेंस का उपयोग करने का निर्णय लिया है।
यहां के मोहल्लों में नागरिकों को टैंकर से पानी मंगवाना पड़ रहा है। जबकि ईदगाहभाठा और मोतीबाग टंकी से सप्लाई के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। निगम द्वारा पाइपलाइन बदलने के लिए 40 लाख रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं लेकिन काम शुरू नहीं हुआ।
इसी बीच जलकार्य विभाग के इंजीनियर नरसिंग फरेंद्र ने बताया कि सोनालाइट कंपनी की मशीन से ब्राम्हणपारा क्षेत्र में परीक्षण होगा। यह मशीन विशेष रूप से पेयजल पाइपलाइन जांच के लिए बनाई गई है।
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि यह समस्या निगम के लिए चुनौती बनी हुई है। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो अन्य पेयजल संकटग्रस्त वार्डों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।