ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा किया गया वह सैन्य अभियान था जिसने पाकिस्तान को उसकी हरकतों का करारा जवाब दिया। एलओसी पर लगातार बढ़ती पाकिस्तानी गोलाबारी और आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने के बाद भारतीय सेना ने यह रणनीतिक ऑपरेशन शुरू किया।
शुरुआत आतंकियों के ठिकानों से हुई
पुंछ, राजौरी और अखनूर सेक्टरों में स्थित 9 में से 6 आतंकी ठिकानों को एक ही रात में खत्म कर दिया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुंछ ब्रिगेड ने किया, जो न केवल भागीदार थी, बल्कि पूरी ऑपरेशन की प्रमुख ताकत थी।
LOC पर तैनात किए गए T-72 टैंक और BMP-2 गाड़ियाँ
ब्रिगेडियर मुदित महाजन ने स्पष्ट किया कि अगर समय पर सीजफायर नहीं होता, तो पाकिस्तान को और बड़ा नुकसान झेलना पड़ता। सेना ने शुरुआत में केवल आतंकी अड्डों को निशाना बनाया, लेकिन जब पाकिस्तान ने नागरिक क्षेत्रों पर गोलाबारी की, तब भारतीय सेना ने उनके सैन्य ठिकानों को भी नष्ट कर दिया। इस दौरान भारत ने LOC के पास T-72 टैंकों और BMP-2 बख्तरबंद गाड़ियों को तैनात किया, जिससे पाकिस्तानी चौकियों को खत्म किया गया।
जब पाकिस्तान ने ड्रोन के झुंड से हमला करने की कोशिश की, तो भारतीय वायु रक्षा इकाइयों ने सभी ड्रोन को मार गिराया। यह दिखाता है कि भारत न केवल थल पर, बल्कि वायु में भी पूरी तरह तैयार है। ब्रिगेडियर महाजन के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर फिलहाल रुका हुआ है, लेकिन समाप्त नहीं हुआ है। यदि पाकिस्तान फिर से कोई हरकत करता है, तो जवाब शब्दों से नहीं, गोलियों और साहस से दिया जाएगा।
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