अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में रातभर हुए हवाई हमलों ने गंभीर मानवीय संकट खड़ा कर दिया। स्थानीय प्रशासन और तालिबान सरकार के अनुसार इन हमलों में कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। कई घर पूरी तरह तबाह हो गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
बच्चों और आम नागरिकों पर पड़ा सबसे बड़ा असर
रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं। घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अचानक हुए हमलों ने पूरे गांव को हिला दिया और लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
सीमा पर पहले से जारी तनाव और बढ़ा
दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा विवाद और सुरक्षा मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। हालिया घटनाओं ने स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। फरवरी के बाद से कई बार सीमा क्षेत्रों में संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयों की खबरें सामने आती रही हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।
पाकिस्तान के आरोप और TTP मुद्दा
पाकिस्तान लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि उसकी सुरक्षा के खिलाफ सक्रिय समूह अफगानिस्तान की जमीन का उपयोग कर रहे हैं। विशेष रूप से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को लेकर पाकिस्तान की चिंताएं लगातार बनी हुई हैं। इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक मतभेद गहराते जा रहे हैं।
तालिबान का जवाब और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए कहती रही है कि उसकी भूमि का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाता। ताजा घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है और विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि बातचीत नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
यह भी पढ़ें: विष्णुदेव साय कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को 15 हजार प्रति एकड़ सहायता
पीओके में बढ़ता जनाक्रोश: मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप
भारत की घटती जन्म दर पर बढ़ी चिंता, क्या बदल जाएगी देश की जनसंख्या की तस्वीर?