77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय उत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
ध्वजारोहण के बाद राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री विकास शील और पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम भी उनके साथ उपस्थित थे। अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि नए संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा और हमारे संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक है। यह दिन हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और नागरिक कर्तव्यों की याद दिलाता है। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार भगत सिंह, डॉ. भीमराव अंबेडकर, शहीद वीर नारायण सिंह और वीर गुंडाधुर जैसे महान नायकों का स्मरण किया।
उन्होंने बाबा गुरु घासीदास के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि समानता का अधिकार हमारे संविधान की आत्मा है। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक कल्याणकारी राज्य के रूप में शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनकर उभरा है।
विकास और निवेश की नई दिशा
राज्यपाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश के तेजी से उभरते राज्यों में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में अधोसंरचना का तेज विस्तार हुआ है। नई औद्योगिक नीति के चलते 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि माओवाद के खिलाफ चल रही रणनीतिक लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है। बीते दो वर्षों में 2500 से अधिक नक्सलियों ने संविधान में आस्था प्रकट की है और मार्च तक बस्तर से माओवाद के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, सेमीकंडक्टर प्लांट, एआई डाटा सेंटर पार्क और आईटी सेक्टर की प्रगति का उल्लेख किया। कृषि क्षेत्र में किसानों को बेहतर मूल्य, मातृशक्ति को महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता और महिला सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी अभियान की सराहना की।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड, टीबी मुक्त पंचायतें, सिकल सेल स्क्रीनिंग और नेत्र जांच कार्यक्रमों की उपलब्धियों को उन्होंने प्रदेश की बड़ी सफलता बताया।
भव्य परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
मुख्य समारोह में आईपीएस परिवीक्षाधीन अधिकारी आदित्य कुमार के नेतृत्व में विभिन्न सुरक्षा बलों और टुकड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट किया। इसके बाद पुलिस वीरता पदक और राज्य वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में हॉर्स शो, डॉग शो, बैगपाइपर बैंड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभागीय झांकियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शहीदों के परिजन, विद्यार्थी और नागरिक समारोह में उपस्थित रहे।
यह समारोह न केवल राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी सशक्त रूप से दोहराया गया।