BCCI फिटनेस नियम हुए अब और सख्त

BCCI फिटनेस नियम

भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के लिए BCCI फिटनेस नियम अब पहले से अधिक सख्त हो गए हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फिटनेस को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने नए फिटनेस मानक लागू किए हैं। अब खिलाड़ियों को ब्रोंको टेस्ट और 2 किलोमीटर दौड़ लगातार पूरी करनी होगी।

इन नए नियमों का उद्देश्य खिलाड़ियों की सहनशक्ति, गति और मैच फिटनेस को बेहतर बनाना है। टीम मैनेजमेंट चाहता है कि सभी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर की शारीरिक क्षमता बनाए रखें।

ब्रोंको टेस्ट के नियम हुए कठिन

BCCI फिटनेस नियम के अनुसार ब्रोंको टेस्ट पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण बनाया गया है। पहले खिलाड़ियों को इसे पूरा करने के लिए छह मिनट मिलते थे, लेकिन अब यह समय घटाकर 5 मिनट 15 सेकेंड से 5 मिनट 20 सेकेंड कर दिया गया है।

ब्रोंको टेस्ट में खिलाड़ियों को लगातार पांच सेट पूरे करने होते हैं। हर सेट में 20, 40 और 60 मीटर की दौड़ शामिल रहती है। किसी भी सेट के बीच आराम का समय नहीं दिया जाता।

2 किलोमीटर दौड़ भी होगी तुरंत बाद

अब खिलाड़ियों को ब्रोंको टेस्ट खत्म करने के तुरंत बाद 2 किलोमीटर की दौड़ भी पूरी करनी होगी। BCCI फिटनेस नियम के तहत यह दौड़ 9 से 10 मिनट के भीतर पूरी करनी होगी।

पहले दोनों टेस्ट अलग-अलग लिए जाते थे। अब लगातार दो फिटनेस टेस्ट होने से खिलाड़ियों की वास्तविक सहनशक्ति का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।

फिटनेस पर बढ़ी BCCI की सख्ती

हाल के समय में कई खिलाड़ियों के चोटिल होने और फिटनेस संबंधी सवाल उठने के बाद बोर्ड ने सख्ती बढ़ाई है। टीम फिजियो और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के स्टाफ से भी जवाब मांगा गया है।

BCCI फिटनेस नियम के तहत अब किसी भी खिलाड़ी को उसके नाम या अनुभव के आधार पर छूट नहीं मिलेगी। फिटनेस मानकों पर खरा उतरना सभी के लिए अनिवार्य होगा।

बुमराह की फिटनेस और नए मानक

जसप्रीत बुमराह अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और श्रीलंका टेस्ट सीरीज के शुरुआती मुकाबले से बाहर हैं। वहीं मोहम्मद सिराज समेत कई खिलाड़ियों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचते ही नए फिटनेस टेस्ट देने पड़े।

BCCI फिटनेस नियम लागू होने के बाद अब सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट और अन्य खिलाड़ियों को भी इन्हीं मानकों के अनुसार तैयारी करनी होगी।

विशेषज्ञों ने जताई चिंता

कुछ फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार यो-यो टेस्ट, ब्रोंको टेस्ट और 2K रन कराने से खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। अधिक वर्कलोड से मानसिक और शारीरिक थकान के साथ चोट का जोखिम भी बढ़ने की आशंका रहती है।

हालांकि बोर्ड का मानना है कि कड़े फिटनेस मानक लंबे समय में टीम इंडिया के प्रदर्शन को मजबूत बनाएंगे और खिलाड़ियों की मैच फिटनेस बेहतर होगी।

नए फिटनेस नियमों में क्या बदला

  • ब्रोंको टेस्ट का समय घटाया गया।
  • 2 किलोमीटर दौड़ तुरंत बाद होगी।
  • फिटनेस मानकों पर सख्त निगरानी।
  • सभी खिलाड़ियों के लिए समान नियम लागू।

टीम इंडिया पर क्या होगा असर

  • खिलाड़ियों की सहनशक्ति बढ़ेगी।
  • मैच फिटनेस में सुधार होगा।
  • इंजरी मैनेजमेंट पर अधिक ध्यान रहेगा।
  • चयन में फिटनेस की भूमिका बढ़ेगी।


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