मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पुनर्वास नीति और विकासपरक दृष्टिकोण का असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है। बस्तर के सुकमा जिले में 1.18 करोड़ के इनामी 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर लोकतंत्र का साथ चुना। इनमें 8 हार्डकोर नक्सली पीएलजीए बटालियन से जुड़े थे। शेष अन्य संगठनात्मक इकाइयों से सक्रिय थे। मुख्यमंत्री साय ने इसे ‘विश्वास की जीत’ बताया।
CM ने कहा – “यह आत्मसमर्पण नहीं, सरकार की योजनाओं और जनता के विश्वास की जीत है। अब बंदूकें नहीं, विकास की बोली सुनाई दे रही है।”उन्होंने बताया कि पिछले 15 महीनों में 1521 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। यह सरकार की पुनर्वास नीति 2025 की सफलता का प्रमाण है। सीएम साय ने सोशल मीडिया पर लिखा – “बस्तर बदल रहा है, बंदूकें थम रही हैं… लोकतंत्र की लौ अब हर कोने में जल रही है।पिछले 24 घंटों में कुल 45 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।