छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और लू की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियां हीटवेव के मानकों के अनुरूप हैं और आने वाले दिनों में इसके और तीव्र होने की संभावना है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा। इसके अतिरिक्त रायपुर में 43 डिग्री, माना में 42.5 डिग्री तथा बिलासपुर में 42.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य क्षेत्रों में भी तापमान उच्च स्तर पर बना हुआ है, जिसमें जगदलपुर में 40 डिग्री, अंबिकापुर में 39.3 डिग्री तथा पेंड्रा रोड में 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन पर व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवागमन सीमित हो गया है तथा नागरिक आवश्यक कार्यों को सुबह या शाम के समय ही संपन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव अधिक तीव्र रूप में परिलक्षित हुआ है।
मौसम विभाग ने विशेष परामर्श जारी करते हुए नागरिकों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों में रहने की सलाह दी है। आवश्यक होने पर बाहर निकलते समय सिर एवं शरीर को ढकने, पर्याप्त मात्रा में जल एवं तरल पदार्थों का सेवन करने तथा बच्चों एवं वृद्धजनों की विशेष देखभाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवात एवं द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में गर्मी की तीव्रता बढ़ी है। यह प्रणाली सतही तापमान को बढ़ाने में सहायक होती है, जिससे लू की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की गई है, जो 20 अप्रैल से प्रभावी होगी। इससे छात्रों को वर्तमान तापमान से राहत मिलने की संभावना है।