छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा औपचारिक आदेश जारी कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जारी आदेश के अनुसार, अनुविभागीय दंडाधिकारी डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो 30 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। यह जांच भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में तकनीकी खराबी के कारण स्टीम पाइप के वाटर सप्लाई ज्वाइंट में विस्फोट हुआ। इस दुर्घटना में कुल 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 12 की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य घायल श्रमिकों का रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है।
जांच के लिए आठ प्रमुख बिंदु निर्धारित किए गए हैं, जिनमें घटना की परिस्थितियां, जिम्मेदारी का निर्धारण, तकनीकी या मानवीय कारणों की पहचान तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपाय शामिल हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने और पूरे मामले की सतत निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं।