रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय तपस्या महोत्सव में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सहभागिता कर पूज्य जैन मुनि श्री के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने जैन धर्म के मूल सिद्धांतों को मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए समाज में नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।
तपस्या महोत्सव में राज्यपाल ने लिया संतों का आशीर्वाद
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जैन संतों से मुलाकात की और उनके आशीर्वचन प्राप्त किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
जैन धर्म के आदर्श आज भी प्रासंगिक

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि जैन धर्म के अहिंसा, सत्य, संयम और करुणा जैसे सिद्धांत वर्तमान समय में भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने प्राचीन काल में थे। उन्होंने कहा कि ये मूल्य समाज को शांति, सद्भाव और नैतिकता की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।
सामाजिक समरसता को मजबूत बनाते हैं संत-महात्मा
राज्यपाल ने कहा कि संत-महात्माओं का मार्गदर्शन समाज में सकारात्मक सोच विकसित करता है। उनके विचार लोगों को नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ बनाने में मदद करते हैं।
आध्यात्मिक जागरूकता का महत्वपूर्ण मंच बना तपस्या महोत्सव
उन्होंने कहा कि तपस्या महोत्सव जैसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिकता से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे कार्यक्रम समाज में सद्भाव, अनुशासन और आत्मचिंतन की भावना को बढ़ावा देते हैं।
श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने तपस्या महोत्सव में शामिल सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि तपस्या महोत्सव समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
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