एशियन गेम्स पर भारतीय खिलाड़ियों का फोकस

एशियन गेम्स

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। हालांकि खिलाड़ियों ने स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा फोकस एशियन गेम्स पर है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत के बावजूद खिलाड़ियों ने कहा कि जश्न बाद में होगा और फिलहाल पूरी प्राथमिकता अगले बड़े टूर्नामेंट की तैयारी है।

भारतीय मुक्केबाजों ने 10 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। वहीं पैरा एथलेटिक्स टीम ने सात पदक जीतकर नया इतिहास रचा।

एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतना अगला लक्ष्य

स्वर्ण पदक विजेता प्रिया घंघास ने कहा कि राष्ट्रगान के साथ स्वर्ण जीतना उनके जीवन का सबसे यादगार पल रहा। लेकिन अब उनकी पूरी तैयारी एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने की है।

साक्षी चौधरी ने भी कहा कि कॉमनवेल्थ में सपना पूरा हुआ है, लेकिन अब अगली चुनौती एशियाई मंच पर खुद को साबित करने की है।

मुक्केबाजों ने बताई तैयारी की रणनीति

सचिन सिवाच ने अपनी सफलता का श्रेय कोचिंग स्टाफ और तकनीकी सुधार को दिया। उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत और रणनीतिक अभ्यास का फायदा मिला है।

नरेंद्र बरवाल ने बताया कि भारतीय टीम हर प्रतिद्वंद्वी का वीडियो देखकर तैयारी करती है। उन्होंने कहा कि कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ बेहतर रणनीति के साथ उतरना होगा।

ऐसे में एशियन गेम्स भारतीय मुक्केबाजों के लिए बड़ी परीक्षा साबित होंगे।

पैरा एथलीटों ने भी बढ़ाया भारत का मान

पुरुष टी-47 वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले दिलीप महादू गावित ने कहा कि उनका अंतिम सपना पैरालंपिक स्वर्ण जीतना है। वहीं शर्मिला धनखड़ ने कहा कि कॉमनवेल्थ की सफलता से बड़े टूर्नामेंटों के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

सोमन राणा ने खिलाड़ियों की सफलता में सपोर्ट स्टाफ की भूमिका को अहम बताया। कांस्य पदक विजेता शिल्पा ने कहा कि भारत के लिए पहला कॉमनवेल्थ पदक जीतना हमेशा यादगार रहेगा।

जूडो खिलाड़ियों का भी हुआ शानदार स्वागत

स्वर्ण पदक विजेता हर्ष सिंह और अस्मिता डे का भी एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत हुआ। दोनों खिलाड़ियों ने प्रशंसकों का आभार जताया और कहा कि अब उनकी नजर अगले बड़े टूर्नामेंट पर है।

भारतीय दल का मानना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स से मिला अनुभव एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा। इसके बाद सभी खिलाड़ी 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों पर भी ध्यान देंगे।

भारतीय खिलाड़ियों की आगे की योजना

  • एशियाई खेलों के लिए विशेष प्रशिक्षण जारी रहेगा।
  • तकनीकी सुधार और फिटनेस पर रहेगा जोर।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर की रणनीति पर होगा काम।
  • ओलंपिक 2028 को दीर्घकालिक लक्ष्य बनाया गया।
  • कॉमनवेल्थ की सफलता को आगे बढ़ाने का प्रयास।

खिलाड़ियों के प्रमुख बयान

  • प्रिया घंघास ने एशियाई स्वर्ण का लक्ष्य रखा।
  • साक्षी चौधरी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।
  • सचिन सिवाच ने कोचिंग टीम को सफलता का श्रेय दिया।
  • नरेंद्र बरवाल ने मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ तैयारी पर भरोसा जताया।
  • दिलीप गावित ने पैरालंपिक स्वर्ण जीतने का सपना दोहराया।


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