सुप्रीम कोर्ट ने जाति जनगणना के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। Supreme Court on Caste Census मामले में अदालत ने स्पष्ट कहा कि यह सरकार की नीति से जुड़ा विषय है और इसमें न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि पिछड़े वर्गों की सही संख्या जानना कल्याणकारी योजनाओं के लिए जरूरी है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को नहीं माना
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने याचिकाकर्ता सुधाकर गुमुला की दलीलों से सहमति नहीं जताई। वहीं दूसरी ओर याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार के पास पहले से ही जातियों से जुड़े पर्याप्त आंकड़े मौजूद हैं।
हालांकि Supreme Court on Caste Census सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि सरकार को यह जानकारी होना जरूरी है कि पिछड़े वर्गों की आबादी कितनी है और उनके लिए किस प्रकार की योजनाएं बनाई जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की नीति को बताया अहम
दरअसल सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि यह पूरी तरह नीतिगत मामला है कि जनगणना जाति आधारित होनी चाहिए या नहीं। इसलिए अदालत ने इस मुद्दे में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
इसी बीच Supreme Court on Caste Census फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। खासतौर पर पिछड़े वर्गों से जुड़ी योजनाओं और संसाधनों के वितरण को लेकर इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2027 में होगी पहली डिजिटल जाति जनगणना
इसके बाद केंद्र सरकार ने साफ किया है कि साल 2027 में देश की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना कराई जाएगी। साथ ही यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। नतीजतन 1931 के बाद पहली बार जातियों की विस्तृत गणना भी की जाएगी।
Supreme Court on Caste Census मामले में अदालत की टिप्पणी के बाद अब सरकार के लिए इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता और स्पष्ट हो गया है।
कल्याणकारी योजनाओं पर रहेगा फोकस
कुल मिलाकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह संकेत दिया है कि सरकार को सामाजिक और आर्थिक योजनाएं तैयार करने के लिए सही आंकड़ों की आवश्यकता होती है। वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि जाति जनगणना से नीति निर्माण और संसाधनों के वितरण में पारदर्शिता बढ़ सकती है।
इस तरह Supreme Court on Caste Census फैसला आने वाले समय में देश की सामाजिक और राजनीतिक बहस का अहम विषय बना रह सकता है।
यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में फॉरेंसिक मोबाइल वैन शुरू, अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी
Dog Bite Case: रेबीज संक्रमित कुत्तों को मारने की अनुमति
PM Modi Rahul Gandhi Row: ‘आर्थिक संकट में देश, PM बना रहे रील’