Indus Water Treaty पर भारत सख्त, Pak को आतंकवाद छोड़ने की नसीहत

Indus Water Treaty

Indus Water Treaty को लेकर भारत ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि पाकिस्तान यदि इस संधि पर आगे बातचीत चाहता है, तो उसे सबसे पहले सीमा पार आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद करना होगा। भारत ने दोहराया कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।

मुख्य बातें

  • भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर कड़ा संदेश दिया।
  • Indus Water Treaty पर रुख में कोई बदलाव नहीं।
  • सीमा पार आतंकवाद बंद होने पर ही आगे होगी बातचीत।
  • वेनेजुएला में भारतीय नाविक के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग।
  • तीस्ता परियोजना पर भारत ने आपसी सहमति की नीति दोहराई।

Indus Water Treaty पर भारत ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि Indus Water Treaty को लेकर भारत की नीति पहले जैसी ही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देता रहा है। ऐसे में संधि फिलहाल स्थगित है। यदि पाकिस्तान इस विषय पर आगे बढ़ना चाहता है, तो उसे आतंकवाद के समर्थन को पूरी तरह समाप्त करना होगा।

आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकती

भारत ने साफ कहा कि विश्वास का माहौल तभी बन सकता है, जब पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देना बंद करे। बिना ठोस कदम उठाए किसी भी स्तर पर सार्थक वार्ता संभव नहीं होगी।

वेनेजुएला में भारतीय नाविक के मामले पर भारत की मांग

विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय नाविक राकेश चौहान के शव के साथ कथित छेड़छाड़ और अंग निकाले जाने के मामले पर भी चिंता जताई। भारत ने वेनेजुएला सरकार से निष्पक्ष और शीघ्र जांच कराने का आग्रह किया है।

परिवार को न्याय दिलाने की कोशिश

भारत सरकार ने कहा कि इस संवेदनशील मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। सरकार लगातार मामले की निगरानी कर रही है और निष्पक्ष जांच की अपेक्षा रखती है।

तीस्ता परियोजना पर विदेश मंत्रालय का रुख

तीस्ता नदी परियोजना पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की विकास साझेदारी आपसी सहमति से तय रोडमैप के अनुसार आगे बढ़ती है। इस परियोजना पर भारत अपने विचार पहले ही बांग्लादेश को बता चुका है। भविष्य का फैसला सभी संबंधित पहलुओं का आकलन करने के बाद लिया जाएगा।

सहयोग की नीति जारी रहेगी

भारत ने स्पष्ट किया कि पड़ोसी देशों के साथ विकास परियोजनाओं में सहयोग पारदर्शिता, सहमति और साझा हितों के आधार पर जारी रहेगा।

अफगानिस्तान और ईरान पर भी भारत का बयान

विदेश मंत्रालय ने बताया कि अफगानिस्तान में हुए हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिकों की मौत पर भारत ने पहले ही चिंता जताई थी। भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन को दोहराया। साथ ही मानवीय सहायता, दवाइयों और अन्य जरूरी सहयोग को जारी रखने की बात कही।

ईरान के सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में भारत की ओर से प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने की भी जानकारी दी गई। इसमें विदेश राज्य मंत्री और बिहार के राज्यपाल शामिल हुए।

भारत का संदेश क्यों अहम माना जा रहा है?

विशेषज्ञों का मानना है कि Indus Water Treaty पर भारत का यह रुख बताता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर सरकार किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहती। भारत लगातार यह संदेश दे रहा है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद बंद नहीं होगा, तब तक सामान्य संबंधों की दिशा में प्रगति मुश्किल रहेगी।

यह भी पढ़ें: RSS Statement Ram Mandir Donation Theft पर सख्त, कार्रवाई की मांग
High Court ने हलाला और तीन तलाक पर सुनाया बड़ा फैसला आज
NH-5 Kinnaur चोलिंग बादल फटा हाईवे बहाल यातायात फिर शुरू आज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *