छत्तीसगढ़ में फॉरेंसिक मोबाइल वैन शुरू, अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी

फॉरेंसिक मोबाइल वैन

छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में फॉरेंसिक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और डॉ. रमन सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

अमित शाह ने रायपुर में किया शुभारंभ

राजधानी रायपुर में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए रखा गया था। अमित शाह ने 32 नई फॉरेंसिक मोबाइल वैन को रवाना किया। इन वैन को सभी जिलों में भेजा गया है। सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच प्रणाली को मजबूत करना एवं अपराध में नियंत्रण लाना है।

डायल 112 सेवा का हुआ विस्तार

राज्य में डायल 112 सेवा का विस्तार किया गया है। पहले यह सेवा केवल 16 जिलों में थी। अब यह सेवा सभी जिलों में लागू कर दी गई है। नई तकनीक से पूरी व्यवस्था मजबूत हुई है। डायल 112 में एआई आधारित लोकेशन सिस्टम जोड़ा गया है। इससे संकट में फंसे व्यक्ति की पहचान आसान होगी।

फॉरेंसिक मोबाइल वैन में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

नई फॉरेंसिक मोबाइल वैन आधुनिक उपकरणों से लैस हैं। इनमें डिजिटल साक्ष्य संग्रहण प्रणाली दी गई है। वैन में रक्त परीक्षण किट भी उपलब्ध हैं। सीसीटीवी फुटेज निकालने की सुविधा भी मौजूद है। इन वैन में जीपीएस और हाई-टेक कैमरे लगाए गए हैं। रात में जांच के लिए नाइट विजन कैमरे भी दिए गए हैं।

घटनास्थल पर तुरंत होगी वैज्ञानिक जांच

नई फॉरेंसिक मोबाइल वैन घटनास्थल पर तुरंत पहुंच सकेंगी। इससे साक्ष्यों को सुरक्षित रखना आसान होगा। फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर जांच कर सकेंगे। जैविक और डिजिटल नमूनों की प्राथमिक जांच तुरंत होगी। सरकार का मानना है कि इससे न्याय प्रक्रिया मजबूत होगी। अदालत में पुख्ता साक्ष्य पेश करना आसान बनेगा।

नागरिक सुरक्षा को मिलेगा बड़ा फायदा

राज्य में 400 नए आपातकालीन वाहन भी शुरू किए गए। 33 निगरानी वाहन और 60 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन भी शामिल हैं। नई फॉरेंसिक मोबाइल वैन से अपराध जांच तेज होगी। नागरिकों को बेहतर सुरक्षा सुविधा मिल सकेगी। सरकार इसे पुलिस आधुनिकीकरण की बड़ी पहल मान रही है। इससे छत्तीसगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

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