शिवसेना (शिंदे गुट) ने 2028 के आम चुनाव को लक्ष्य बनाकर संगठनात्मक गतिविधियाँ तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में शिवसेना (शिंदे गुट) एक सशक्त राष्ट्रीय पार्टी के रूप में उभरेगी।
डॉ. वर्मा के अनुसार, पार्टी विशेष रूप से छत्तीसगढ़ और गोवा में संगठनात्मक विस्तार और वोट प्रतिशत बढ़ाने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पार्टी 20 सीटों पर दावा करने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना (शिंदे गुट) का उद्देश्य केवल सत्ता की राजनीति करना नहीं है, बल्कि जनता की आवाज बनकर विकास, पारदर्शिता और जनसरोकार पर आधारित नीतियों को आगे बढ़ाना है। संगठन का मूल मंत्र है – “राष्ट्र प्रथम, जनता सर्वोपरि।”
भाषा विवाद पर बोलते हुए डॉ. वर्मा ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी को पहला और हिंदी को दूसरा स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने अपील की कि भाषा के नाम पर समाज में विभाजन नहीं होना चाहिए।
साहित्यकार और पत्रकारों को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम के दौरान डॉ. वर्मा ने घोषणा की कि साहित्यकारों को उनके पिता एवं प्रख्यात साहित्यकार श्रीकांत वर्मा की स्मृति में 21 लाख रुपये तथा पत्रकारों को 5 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी होगी।